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📑 In This Chapter Guide (Table of Contents)
1. सांख्यिकी: माध्य, माध्यिका एवं बहुलक (पक्के 10 अंक)
यूपी बोर्ड परीक्षा में सांख्यिकी से 6 अंक का एक दीर्घ उत्तरीय प्रश्न अनिवार्य रूप से आता है:
वर्गीकृत आंकड़ों का बहुलक (Mode):
बहुलक = l + [ (f₁ - f₀) / (2f₁ - f₀ - f₂) ] × h
जहाँ l = बहुलक वर्ग की निम्न सीमा, f₁ = बहुलक वर्ग की बारंबारता, f₀ = ठीक पहले की बारंबारता, f₂ = ठीक बाद की बारंबारता, h = वर्ग अंतराल।
वर्गीकृत आंकड़ों की माध्यक (Median):
माध्यक = l + [ (n/2 - cf) / f ] × h
अनुभवजन्य संबंध सूत्र: 3 × माध्यक = बहुलक + 2 × माध्य
2. पृष्ठीय क्षेत्रफल और आयतन के महत्वपूर्ण सूत्र
- ठोस शंकु: वक्र पृष्ठीय क्षेत्रफल =
πrl(जहाँ तिर्यक ऊंचाईl = √(r² + h²)); कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल =πr(l + r); आयतन =⅓πr²h. - गोला व अर्धगोला: गोले का आयतन =
⁴⁄₃πr³, पृष्ठीय क्षेत्रफल =4πr²। अर्धगोले का वक्र पृष्ठ =2πr², संपूर्ण पृष्ठ =3πr², आयतन =⅔πr³. - एक ठोस का दूसरे में रूपांतरण: जब किसी धातु के गोले को पिघलाकर तार या बेलन बनाया जाता है, तो दोनों आकृतियों का आयतन समान रहता है (Volume 1 = Volume 2)।
3. त्रिकोणमिति के ऊंचाई और दूरी वाले 6 अंक के प्रश्न
"एक मीनार के पाद-बिंदु से एक भवन के शिखर का उन्नयन कोण 30° है और भवन के पाद-बिंदु से मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। यदि मीनार 50 मीटर ऊंची हो, तो भवन की ऊंचाई ज्ञात कीजिए।"
1. समकोण Δ में मीनार की ऊंचाई AB = 50 m। आधार दूरी BC = d। tan 60° = AB / BC ⟹ √3 = 50 / d ⟹ d = 50 / √3 m.
2. भवन की ऊंचाई CD = h। समकोण ΔBCD में: tan 30° = CD / BC ⟹ 1/√3 = h / (50/√3) ⟹ h = 50 / 3 = 16.67 मीटर.
भवन की ऊंचाई 16⅔ मीटर (16.67 m) है।
💡 Frequently Asked Questions (FAQ)
❓ यूपी बोर्ड गणित की कॉपी में रफ कार्य कहाँ करना चाहिए?
उत्तर-पुस्तिका के बाएं पृष्ठ पर "रफ कार्य" लिखकर गणना करें और कार्य समाप्त होने पर उस पर एक तिरछी रेखा खींचकर काट दें। कभी भी उत्तर के बीच में गंदी कटिंग न करें।
❓ सिद्ध कीजिए कि 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है।
मान लीजिए 3 + 2√5 परिमेय संख्या है = a/b (जहाँ a, b सह-अभाज्य पूर्णांक हैं)। तब: 2√5 = a/b - 3 ⟹ √5 = (a - 3b) / 2b. चूँकि a और b पूर्णांक हैं, अतः (a - 3b)/2b एक परिमेय संख्या है, जिसका अर्थ है कि √5 भी परिमेय संख्या होगी। परंतु यह इस सर्वमान्य तथ्य का खंडन करता है कि √5 अपरिमेय है। अतः हमारी कल्पना असत्य है और 3 + 2√5 एक अपरिमेय संख्या है।
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